बिकनी वैक्स- जानिए हर ज़रूरी बात

Location

बिकनी वैक्स- जानिए हर ज़रूरी बात

हाथ-पैरों वग़ैरह पर वैक्सिंग के मुकाबले बिकनी वैक्स थोड़ी ज़्यादा संवेदनशील होती है

बिकनी वैक्स- जानिए हर ज़रूरी बात

मूल आलेख- ये हर महिला की चाहत भी होती है और अधिकार भी कि उसकी मनचाही ख़ूबसूरती उसके अंग-अंग से झलके। अब वैक्सिंग को ही ले लीजिए। सुंदर, स्वच्छ, कोमल और सौम्य त्वचा पाने के लिए हज़ारों-लाखों महिलाएं वैक्सिंग का सहारा लेती हैं। इसके अंतर्गत वे अपनी त्वचा के अनचाहे बालों से छुटकारा पा लेती हैं। जब तक हाथों, पैरों वग़ैरह की वैक्सिंग की बात है, उसी में वैक्सिंग के दौरान होने वाले दर्द के चलते कई महिलाएं घबराती हैं। उस पर बात हो अगर बिकनी वैक्स की तो अधिकांश महिलाएं इसके दर्द की कल्पना से भी सिहर उठती हैं। साथ ही थोड़ा सा संकोच भी इसके साथ जुड़ा होता है। तो अब हम आपको बताने जा रहे हैं बिकनी वैक्सिंग से जुड़ी हर ज़रूरी बात और साथ ही कुछ ऐसी सावधानियां भी, जिनके चलते आप पा सकती हैं दर्द रहित बिकनी वैक्स। 

हां, मगर अपनी बात आगे बढ़ाने से पहले हम आपको एक और मज़ेदार बात बताएं! जहां बतौर कॉस्टयूम बिकनी आज भी बहुत सी महिलाओं के लिए संकोच का विषय है, वहीं क्या आप जानते हैं कि सिनेमा के पर्दे पर पहली बार बिकनी पहनकर सनसनी मचाने वाली अदाकारा कौन थी? ये बात है वर्ष 1938 में आई मराठी फिल्म ब्रह्मचारी की, जिसमें उस समय की बेहद खूबसूरत अदाकारा मीनाक्षी शिरोडकर ने बड़े पर्दे पर बिकनी पहनकर तहलका मचा दिया था, जो कि हिंदी फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्रियों शिल्पा शिरोड़कर और नम्रता शिरोडकर की नानी थीं। दरअसल बिकनी एक ऐसी ड्रैस है, जो किसी भी महिला के ऊंचे आत्मविश्वास की प्रतीक है, क्योंकि बिकनी पहनने के लिए न सिर्फ़ शारीरिक सौष्ठव की सुंदरता मायने रखती है, बल्कि इसे सहज-स्वाभाविक ढंग से पहनने के लिए भी अपने पर भरोसा होना बेहद ज़रूरी है। सो ऐसे में सबसे पहली जो बात मायने रखती है, वह है साफ़-सुथरा, सुंदर, सौम्य देह। ख़ैर, तो चलिए अब हम अपने मूल विषय, यानी कि बिकनी वैक्स पर लौटते हैं। हालांकि गर्मियों में स्विमिंग करने की शौकीन महिलाओं के लिए तो यह एक ज़रूरी विषय होता ही है, लेकिन इससे मिलने वाली साफ़-सुथरी, कोमल त्वचा के चलते ऐसी महिलाओं की भी कोई कमी नहीं है, जो वर्ष भर बिकनी वैक्स को ही चुनती हैं।

बिकनी वैक्स क्या है

वर्तमान समय में न सिर्फ़ महिलाएं, बल्कि लड़कियां भी अपने प्यूबिक एरिया, यानी प्राइवेट पार्ट के अनचाहे बाल हटाने के लिए बिकनी वैक्स का सहारा लेती हैं। हाथ-पैरों वग़ैरह पर होने वाली वैक्सिंग के मुकाबले बिकनी वैक्स थोड़ी ज़्यादा संवेदनशील होती है, इसलिए इसमें सावधानी भी थोड़ी ज़्यादा बरतनी पड़ती है। हालांकि दर्द की लेकर कई मिथ भी जुड़े हुए हैं कि बिकनी वैक्स में दर्द बहुत ही ज़्यादा होता है, पर यह सही नहीं है। बिकनी वैक्स में भी लगभग उतना ही दर्द होता है, जितना कि शरीर के बाकी अंगों की वैक्सिंग में, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से शरीर का नाज़ुक अंग होने के चलते महिलाओं को इस हिस्से में होने वाला दर्द ज़्यादा लगता है। 

बिकनी वैक्स के प्रकार

मूल रूप से बिकनी वैक्स चार प्रकार की होती हैं, जो इस प्रकार हैं-

फुल बिकनी वैक्स- इस प्रकार की वैक्स में प्यूबिक एरिया के सारे बाल हटा दिए जाते हैं। इससे न सिर्फ़ त्वचा पूरी तरह से साफ़-सुथरी हो जाती है, बल्कि डेड स्किन भी हट जाती है। त्वचा के इस हिस्से का रंग बाकी हिस्सों के मुकाबले थोड़ा गहरा होता है, लेकिन बिकनी वैक्स का एक लाभ यह भी मिलता है कि इससे शरीर के इस भाग की रंगत भी बाकी हिस्सों के समान ही रहती है।

साइड हेयर रिमूवर बिकनी वैक्स- जैसाकि नाम से ही ज़ाहिर है, इस वैक्स के अंतर्गत पैंटी लाइन के साइड के बाल हटा दिए जाते हैं। जो लड़कियां या महिलाएं स्विमिंग की शौक़ीन हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि यदि किसी और माध्यम से, यानी कि शेविंग या क्रीम की सहायता से इस हिस्से के बाल हटाए जाएं तो शरीर का यह भाग थोड़ा गहरा पड़ने लगता है, जो कि स्विम सूट पहनने पर संकोच पैदा करता है। 

फ्रेंच बिकनी वैक्स- हालांकि बिकनी वैक्स का यह ढंग भी है तो फुल बिकनी वैक्स की ही तरह, लेकिन प्यूबिक एरिया के पूरे बाल हटाने के बाद फ्रंट पर एक आकर्षक आकार की हेयर स्ट्रिप छोड़ देना इस बाकी वैक्स से अलग बनाता है। 

मिनी ट्राएंगल बिकनी वैक्स- जो महिलाएं फुल बिकनी वैक्स से बहुत डरती हैं, लेकिन शरीर के इस भाग को साफ़-सुथरा भी चाहती हैं, उनके लिए वैक्स का यह प्रकार एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें एक मिनी ट्राएंगल बनाकर वैक्स की जाती है और बाकी भाग को छोड़ दिया जाता है। 

बिकनी वैक्स करने का ढंग

बिकनी वैक्स करने का ढंग दो तरह का होता है। पहला- सॉफ्ट बिकनी वैक्स और दूसरा पील ऑफ बिकनी वैक्स, जिसे कुछ महिलाएं हार्ड वैक्स भी कहती हैं। पहले वाले ढंग में वैक्स को त्वचा पर लगाकर पेपर स्ट्रिप की सहायता से खींचकर बालों का निकाल दिया जाता है। दूसरे प्रकार के वैक्स, यानी की पील ऑफ वैक्स में वैक्स को पहले सीधे त्वचा पर लगा दिया जाता है और फिर कुछ देर बाद उसे हाथों की सहायता से हटा दिए जाता है, जिसमें वैक्स के साथ-साथ त्वचा के उस भाग के बाल भी निकल जाते हैं। 

पहली बार बिकनी वैक्स में रखें ध्यान

अब आते हैं बिकनी वैक्स कराते वक़्त बरती जाने वाली सावधानियों पर। यदि आप पहली बार बिकनी वैक्स करवाने जा रही हैं और आपको लगता है कि आपके प्यूबिक एरिया की ग्रोथ बहुत ज़्यादा है तो कैंची से बालों को थोड़ा ट्रिम कर लीजिए, ताकि आपको वैक्सिंग के दौरान ज़्यादा दर्द न हो। साथ ही आप ब्यूटिशियन के सामने शर्मिंदगी से भी बच जाएं। ध्यान रखिएगा कि बाल न तो बहुत ज़्यादा लंबे होने चाहिए और न ही बहुत ही ज़्यादा छोटे, क्योंकि इससे बालों की फुल ग्रोथ के साथ जड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है। पीरियड्स के दिनों के आस-पास या ठीक हो जाने के तुरंत बाद बिकनी वैक्स करवाने से बचें, क्योंकि इस दौरान इस हिस्से की त्वचा ज़्यादा संवेदनशील हो जाती है, इसलिए आपको दर्द भी ज़्यादा हो सकता है और हाइजिन के हिसाब से भी यह ठीक नहीं है। वैक्स से पहले यदि आप गरम पानी से उस हिस्से को अच्छी तरह से धो लें तो दर्द और भी कम होगा, क्योंकि ऐसा करने से इस हिस्से के रोम छिद्र खुल जाते हैं। वैक्स कराते समय यह सुनिश्चित कर लें कि सभी स्ट्रिप और दूसरी चीज़ें साफ़-सुथरी और फ्रेश होने के साथ-साथ सेनेटाइज़ भी की गई हैं। यह किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए बहुत ज़रूरी सावधानी है। यदि इस हिस्से पर कोई दाना या फुंसी वग़ैरह निकली हुई हो तो उस समय भी वैक्स कराने से बचें। वैक्स कराते हुए भी उसी पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की बजाय अपना मनपसंद म्यूज़िक सुन सकती हैं या कोई वीडियो देख सकती हैं। चाहें तो अपनी ब्यूटीशियन से ही बातें करती रहें, ताकि आपका ध्यान भटका रहे। 

बिकनी वैक्स के बाद रखें इन बातों का ख़याल

बिकनी वैक्स करवाने के तुरंत बाद इस हिस्से को एस्ट्रिजेंट लोशन से साफ़ करवाएं और उसके सूख जाने के बाद नारियल का तेल लगवा लें। यह इस हिस्से की वैक्स से हुई जलन को ख़त्म करने में बहुत कारगर होता है, साथ ही त्वचा को कोमल भी बनाता है। बाद में घर आने के बाद इस हिस्से को वी वॉश जैसे क्लिनर से साफ़ कर लें। बिकनी वैक्स करवाने के बाद एक-दो दिन तक टाइट पैंटी पहनने से बचें और पैंटी भी कॉटन की ही पहनें। टाइट पैंट या जींस से बचना भी ठीक रहेगा। अगर आप स्विमिंग करती हैं तो बिकनी वैक्स स्विमिंग से एक-दो दिन पहले ही करवा लें तो अच्छा रहेगा। अगर आपको बिकनी वैक्स के बाद सूजन बहुत ज़्यादा लग रही है या किसी भी तरह का कोई और इंफेक्शन महसूस हो रहा है तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर की सहायता लें। बिकनी वैक्स के बाद एक या दो दिन अपने पार्टनर के साथ इंटिमेट होने से भी बचना अच्छा रहेगा, ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सके और वैक्स के बाद त्वचा संवेदनशील होने के चलते दर्द भी न हो।

बिकनी वैक्स से हो सकने वाली हानियां

सबसे पहले तो यही बात समझना ज़रूरी है कि बिकनी वैक्स प्यूबिक एरिया के अनचाहे बालों का हटाने का कोई परमानेंट तरीका नहीं है, बल्कि जब भी इस हिस्से पर दोबारा बाल आएंगे तो आपको फिर से वैक्स करवानी पड़ेगी। इस हिस्से के बाल हटाने के लिए बालों की थोड़ी सी ग्रोथ तो ज़रूरी होती ही है, ताकि बालों को जड़ से निकाला जा सके। हेयर रिमूवर के दूसरे तरीकों के मुकाबले यह तरीका थोड़ा दर्दनाक तो है। यही आपने किसी सस्ते या ऐसे ब्यूटी पार्लर में बिकनी वैक्स करवाई है, जहां हाइजिन का पूरा ध्यान नहीं रखा गया तो आपको किसी इंफेक्शन का शिकार भी होना पड़ सकता है। सो जब भी बिकनी वैक्स का मन बनाएं तो इससे जुड़ी हर सावधानी पर पूरी-पूरी नज़र रखना न भूलें। सुंदरता ज़रूरी है, मगर सावधानी के साथ।