उपवास के दौरान ये ग़लतियां करने से बचें

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उपवास के दौरान ये ग़लतियां करने से बचें

उपवास करते समय हम सभी अक्सर कुछ ऐसी ग़लतियां कर देते हैं

उपवास के दौरान ये ग़लतियां करने से बचें

अपने देश की ख़ासियत ही ये है कि आए दिन किसी न किसी तीज-त्योहार, व्रत-उपवास का सिलसिला लगा ही रहता है। उपवास तो जैसे हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा ही हैं। कोई सिर्फ़ ख़ास मौकों पर ही उपवास रखना पसंद करता है तो किसी ने हफ़्ते में एक दिन उपवास रखने को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाया हुआ है। ये भी दिलचस्प है कि कुछ लोग उपवास को धार्मिक या आध्यात्मिक रूप से जोड़कर देखते हैं तो कुछ इसे अच्छी सेहत भर के लिए ही अपनाते हैं।
अब वजह चाहे जो भी हो, उपवास के फ़ायदे तो जगज़ाहिर हैं। इससे न सिर्फ़ हमारा पाचन-तंत्र बेहतर होता है, शरीर के विषैले तत्व बाहर आ जाते हैं, ऊर्जा का स्तर बढ़ता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
अब यहां सोचने वाली बात ये है कि जब उपवास के साथ इतने सारे फ़ायदे जुड़े हैं तो फिर ऐसा क्यों होता है कि कुछ लोगों को उपवास के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ जाता है। इसके पीछे कारण है कुछ ऐसी ग़लतियां, जो उपवास के दौरान हम जाने-अनजाने में कर बैठते हैं। क्या हैं वे ग़लतियां और उनसे कैसे बचा जा सकता है, आइए जानें कुछ इसी बारे में।

उपवास को जटिल न बनाएं

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धार्मिक दृष्टिकोण से किए गए व्रत-उपवास के तो सभी के अपने नियम-कायदे होते हैं, इसलिए हम उस पर तो कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन यदि उपवास बेहतर स्वास्थ्य के लिए कर रहे हैं तो आप हमारी इन सलाहों पर ग़ौर कर सकते हैं। कोशिश कीजिए कि उपवास करते समय अपनी सेहत और उससे जुड़े पक्षों का ध्यान ज़रूर रखें। ये ठीक है कि उपवास के कई लाभ हैं और इसे कोई भी कर सकता है, लेकिन अगर आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, जैसेकि एनीमिया, लंबी बीमारी के बाद होने वाली कमज़ोरी, रक्तचाप संबंधी कोई दिक्कत तो अच्छा होगा कि कोई भी उपवास आप अपने डॉक्टर से सलाह करने के बाद ही रखें। यदि आप फिर भी उपवास रख ही रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि उसे अनावश्यक रूप से जटिल न बनाएं।

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तरल पदार्थों का सेवन करते रहिए

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ज़्यादातर उपवास में लोग कुछ भी खाने से परहेज़ करते हैं और पूरे दिन निराहार रहकर ही उपवास करना चाहते हैं। ऐसे में सबसे अच्छा तो यही होगा कि आप कोई न कोई तरल पदार्थ पूरे दिन लेते रहें, जैसेकि पानी, दूध, जूस, नारियल पानी, नींबू पानी वग़ैरह। इससे आपका रक्तचाप भी सामान्य रहेगा, चक्कर आने या जी मितलाने जैसी समस्या नहीं होगी, ऊर्जा का स्तर सामान्य बना रहेगा और एकदम नीचे नहीं आएगा, शरीर में नमी बनी रहेगी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या नहीं होगी। पानी तो आप जितना ज़्यादा से ज़्यादा पी सकते हों, उतना अच्छा, क्योंकि इससे शरीर के विषैले तत्व आसानी से बाहर निकलते रहेंगे।

भोजन में रखें पौष्टिकता का ख़याल

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उपवास के समय ज़्यादातर लोग एक समय ही भोजन करते हैं, चाहे वह दिन के समय हो या फिर शाम ढले। भोजन चाहे आप किसी भी समय करें, लेकिन उसमें अपनी पौष्टिकता का पूरा-पूरा ध्यान रखें। तीज-त्योहारों के मौसम में उपवास के दौरान यह भी देखने को मिलता है कि उस समय पर तले-भुने पकवानों का दौर चलता ही रहता है, लेकिन देर तक उपवास करने के बाद एकदम से बहुत तला-भुना भोजन करना आपके स्वास्थ्य को लाभ की बजाय उल्टे हानि पहुंचाता है। इससे आपको भारीपन, पेट में जलन, अपच या गैस जैसी समस्या हो सकती है। रक्तचाप के लिहाज़ से भी देर तक भूखे रहने के बाद एकदम से भारी आहार लेना अच्छा नहीं है, इसलिए भोजन में ऐसी चीज़ें शामिल कीजिए, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पचाने में भी आसान हों।

फलों एवं दही के सेवन को प्राथमिकता दीजिए

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दही का सेवन तो स्वास्थ्य के लिहाज़ से हमेशा बेहतरीन ही कहा जाता है। इससे शरीर को अपने विषैले तत्वों से आज़ादी मिलती है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और ऊर्जा का स्तर भी गिरने नहीं पाता है। साथ ही अगर आपने लंबे समय तक उपवास रखा है तो यह आपके पोषण तत्वों की कमी को पूरा करने का काम भी करता है।
इसके अलावा फल भी आपके लिए हमेशा बेहतरीन आहार साबित हो सकते हैं। यहां तक कि ज़्यादातर आहार विशेषज्ञों का मानना है कि जूस की बजाय फलों का सेवन ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है।

आहार की मात्रा कम रखें

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ये वह ग़लती है, जो ज़्यादातर लोग करते हैं। आमतौर पर उपवास तो सेहत के नाम पर रख लिया जाता है, लेकिन जब उपवास खोलने का समय आता है तो पूरे दिन भूखे रहने के मनोवैज्ञानिक प्रभाव के चलते सारी कमी एक ही साथ पूरी कर लेना चाहते हैं और ऐसे में जब हम उपवास खोलते हैं तो इतना खा लेते हैं कि वह आम दिनों के मुकाबले बहुत ज़्यादा हो जाता है। कायदे से होना तो यह चाहिए कि उपवास खोलने के बाद लिए जाने वाले आहार की मात्रा आम दिनों के आहार के मुकाबले थोड़ी कम ही होनी चाहिए, ताकि पाचन पर उसका असर न पड़े। साथ ही पूरे दिन भूखे रहकर आपने जो मेहनत की है, वह भी व्यर्थ न जाए।

शुरुआत तरल पदार्थ से करें

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उपवास खोलने की शुरुआत में ही सीधा भारी, तला-भुना या बहुत अधिक मात्रा में आहार लेने की बजाय शुरुआत तरल पदार्थ से ही करें। चाहे शुरू में आप पानी ही पिएं या जूस, दूध, नींबू पानी अथवा लस्सी वग़ैरह, यह आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होंगे। इससे आपके पेट का एक हिस्सा इन्हीं से भर जाएगा, जिससे आप ज़्यादा खाने से भी बच जाएंगे। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि जब आप शुरुआत तरल पदार्थ से कर रहे हों तो भारी आहार उसके तुरंत बाद न लेकर थोड़ी देर रुक जाएं।
इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप अपने उपवास के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से अपना बचाव कर सकेंगे।